- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
- महाकाल के दरबार में बॉलीवुड सितारे: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए दर्शन, नंदी के कान में कही मनोकामना
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के साथ शुरू हुई भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण से साकार हुए महाकाल, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु!
- उज्जैन में महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, गूंजे ‘वीर प्रभु महावीर’ के जयकारे
- शेषनाग मुकुट और मोगरे के फूलों से सजे बाबा, भस्म आरती में दिखा दिव्य और अलौकिक स्वरूप
उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
धार्मिक नगरी उज्जैन में शीतला माता के पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। मंगलवार को इस परंपरा के तहत शहर के विभिन्न मंदिरों में बड़ी संख्या में महिलाएं दर्शन और पूजा के लिए पहुंचीं। तड़के से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी और दिन चढ़ने के साथ ही भीड़ भी बढ़ती गई।
महिलाएं घर से तैयार किया गया ठंडा प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचीं और माता को अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। मंदिरों में पूरे समय भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा। कई स्थानों पर महिलाएं समूह में भजन-कीर्तन करती भी दिखाई दीं।
शीतला माता के पूजन में ठंडे भोजन का विशेष महत्व होता है। इसी कारण श्रद्धालु एक दिन पहले ही घर में पकवान तैयार कर लेते हैं और अगले दिन वही भोजन माता को अर्पित किया जाता है। मीठे चावल, पूड़ी, दही और ठंडाई जैसे प्रसाद चढ़ाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। इसी वजह से महिलाएं माता की पूजा कर परिवार के सदस्यों के अच्छे स्वास्थ्य और रोगों से मुक्ति की प्रार्थना करती हैं।
स्थानीय महिलाओं के अनुसार शीतला माता के दर्शन और पूजन का यह क्रम कई दिनों तक जारी रहता है। इस दौरान श्रद्धालु नियमित रूप से मंदिर पहुंचकर माता को जल अर्पित करते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।